Thursday, October 22nd, 2026

लॉकडाउन: ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को 10 माह बाद भी नहीं मिला मृत्यु प्रमाणपत्र

शहडोल
बीते साल कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को 10 माह बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। ये मजदूर महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले से पैदल ही अपने गृह राज्य मध्यप्रदेश लौट रहे थे और आठ मई को वे करमाड के पास पटरी पर सो गए थे, तभी एक मालगाड़ी उन पर से गुजर गई।

मरने वालों में से 16 प्रवासी मजदूर शहडोल जिले के थे और पांच पड़ोसी जिले उमरिया के थे। प्रशासनिक लापरवाही के चलते परिजनों को बैंकों से संबंधित कामकाज और सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है।
 
मृतक राजबहोर की पत्नी सुनीता सिंह ने कहा, हमने जयसिंह नगर के एसडीएम के समक्ष मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन दिया था, मगर अभी तक यह हमें नहीं मिला। पति के मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिलने के चलते हमें विधवा पेंशन नहीं मिल पा रही है। वहीं, एक और मृतक ब्रजेश की पत्नी पार्वती सिंह ने कहा, पति के खाते का इस्तेमाल करने के लिए बैंक कर्मी उनका मृत्यु प्रमाणपत्र मांग रहे हैं।

वहीं, जयसिंह नगर के एसडीएम दिलीप पांडेय ने कहा, मृत्यु प्रमाणपत्र उन अधिकारियों द्वारा जारी किया जाएगा, जिनके अधिकार क्षेत्र में यह आता है। हमने औरंगाबाद प्रशासन को इस संबंध में दो पत्र भेजे हैं। शहडोल के जिलाधिकारी ने भी इस बारे में औरंगाबाद के जिलाधिकारी से बात की है।

 

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Source : Agency

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